दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में 999 के पार पहुंचा प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर में हवा स्थानीय प्रदूषक तत्वों के कारण खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है। आने वाले तीन दिनों तक प्रदूषण का स्तर ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई जा रही है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने वीरवार को दिल्ली के पंजाबी बाग में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 999 रिकॉर्ड किया। जबकि दिल्ली में समान्य एक्यूआई 346 दर्ज किया गया, जोकि सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।

वीरवार सुबह दिल्‍ली के विभिन्‍न स्‍थानों का एक्‍यूआई बेहद खराब मापा गया। दिल्‍ली के लोधी रोड में प्रदूषक तत्‍व पीएम 2.5 का स्‍तर 307 और पीएम 10 का स्‍तर 194 मापा गया। वहीं दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में प्रदूषक तत्‍व पीएम 2.5 का स्‍तर 324 और पीएम 10 का स्‍तर 248 मापा गया। सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर 404 दर्ज किया गया जबकि फरीदाबाद एवं नोएडा में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराबः सफर
केन्द्र द्वारा संचालित ‘वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली’ (सफर) ने कहा कि दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बरकरार रही। संस्था ने कहा, ‘‘सामान्य सतह वायु गति एकमात्र मौसम संबंधी कारक है जो प्रदूषण को असरदार तरीके से संग्रहित नहीं होने दे रही है और कुछ हद तक सकारात्मक रूप से काम कर रही है। मौसम संबंधी अन्य स्थितियां वायु गुणवत्ता के लिए प्रतिकूल हैं।’’ प्रदूषण नियंण बोर्ड के एक कार्यबल ने दिल्ली एनसीआर में ज्यादा प्रदूषण वाले 21 स्थलों की पहचान की है और संबंधित निकाय संस्थाओं को ‘‘केन्द्रित कार्रवाई’’ करने का निर्देश दिया।

वायु प्रदूषण से ऐसे करें बचाव

  • बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन और हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों को बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत वाली गतिविधियों से करें बचाव।
  • घर से बाहर निकलने के  लिए मास्क का इस्तेमाल करें।
  • इस वक्त खानपान का विशेष ध्यान रखें, अधिक से अधिक तरल पदार्थ खाएं और बच्चों को भी दें।
  • बच्चों को अधिक घर से बाहर खेलने से रोकें, जिससे वह बीमारी की चपेट में न आएं।
  • पेट्रोल डीज़ल से चलने वाली ग‌डिय़ों का नियमित प्रदूषण कार्ड बनवाएं। प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए घर में एयर फि़ल्टर मशीन लगवा सकते हैं।
  • प्रदूषण से बचने का सबसे आसान तरीका है पौधे लगाना। जहरीली गैसों को कम करने के लिए कुछ पौधे बेहद काम आ सकते हैं।
  • एलो वेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी जैसे पौधों की मदद से जुकाम, एलर्जी और आंखों में जलन से बचाव कर सकते हैं।

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