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ऋचा पटेल ने किया कुरान बांटने से इनकार, कहा- अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाउंगी

आजकल धार्मिक मामलों को लेकर कई विवाद सामने आ रहे हैं। जिससे जुड़ा एक मामला ऋचा पटेल का भी है। सोशल साइट पर धार्मिक टिप्पणी करने के मामले में कुरान बांटने की शर्त पर जमानत पाने वालीं रांची की ऋचा पटेल ने धर्मग्रंथ की पांच प्रतियां बांटने से इनकार कर दिया है। ऋचा के मुताबिक, वह निचली अदालत के फैसले की कॉपी मिलने का इंतजार कर रही है। प्रति मिलने के बाद वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। ऋचा ने बताया कि उन्‍हें कुरान बांटने का आदेश उचित नहीं लगा। वह बुरा महसूस कर रही हैं। यह खबर अखबारों की सुर्खियां बनी है। मीडिया खबरों के मुताबिक ऋचा ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हैं, लेकिन उसके मौलिक अधिकारों का हनन कोई कैसे कर सकता है? फेसबुक पर अपने धर्म के बारे में लिखना क्या अपराध है? साथ ही उन्‍होंने कहा कि पुलिस ने उन्‍हें अचानक कैसे गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि ऋचा के पिता प्रकाश पटेल का कहना है कि उनकी विभिन्न संगठनों से बात चल रही है। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि मंगलवार शाम तक ऋचा को एक कुरान बांटना था, लेकिन पुलिस प्रोटेक्शन के बिना वह कैसे घर से निकलती। पिठोरिया थाना प्रभारी को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्‍होंने कोर्ट से जानकारी हासिल करने की बात कही। वकीलों की मानें तो कोर्ट की शर्त न मानने पर ऋचा की जमानत रद्द हो सकती है। हालांकि, उसे हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन फाइल करने का अधिकार है। इसके बाद जब तक फैसला नहीं आता, जमानत रद्द नहीं की जा सकती है।

मामला ये है कि, ऋचा पटेल ने सोशल साइट पर धार्मिक पोस्ट किया था। इसके बाद अंजुमन इस्लामिया (पिठोरिया) के प्रमुख मंसूर खलीफा ने रांची के पिठोरिया थाने में 12 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने ऋचा पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके बाद पिठोरिया पुलिस ने शुक्रवार की शाम को ऋचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने कुरान की पांच प्रतियां बांटने की शर्त पर ऋचा को जमानत दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पिठोरिया पुलिस के संरक्षण में मंगलवार शाम तक ऋचा कुरान की एक प्रति अंजुमन इस्लामिया के सदर मंसूर खलीफा को देगी। बाकी चार विभिन्न शिक्षण संस्थानों में बांटेगी। इसके लिए ऋचा को 15 दिन का समय दिया गया है। लेकिन ऋचा को अब ये बात गवारा नहीं नहीं है और उसने कहा है कि वो अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

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