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राधा स्वामी संस्था के लोगो की दबंगई , कुमरे परिवार पर हमले की बनाई थी योजना, ग्रामीणों को देखकर मोटरसाइकिल छोड़कर भागे आरोपी

रविवार रात्रि 12 बजे की घटना

मोहन गुर्जर

हरदा। रहटगांव, मकड़ाई समाचार,

रविवार सोमवार की दरमियानी रात्रि 12 बजे के लगभग वनांचल के ग्राम रातामाती में हरेसिह कुमरे के मकान पर हमले की योजना बनाई थी। लेकिन ग्रामीणों की भीड़ देखकर आरोपी भागने में कामयाब हुए। जानकारी के अनुसार राधा स्वामी संस्था के सत्यमुर्ती के द्वारा उनके सहयोगीयो के साथ रात्रि में हरेसिह कुमरे के घर बड़ी घटना को अन्जाम देने की मंशा से घेराव किया गया। उनकी आवाज सुनकर हरेसिह के परिजनों ने ग्रामीणों को आवाज लगाई। इसी बीच ग्रामीणों की भीड़ देखकर सत्यमुर्ती ओर उनके लोग भाग गऐ भागते वक्त मोटरसाइकिल न mp 05 AB 0727 मे एक बल्मम बधा हुआ छुट गया। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई लेकिन पुलिस ने गाडी को सत्यमुर्ती को सुपर्द कर दिया गया।ओर मामले में मोन है। फिलहाल ग्रामीण दहशत में है। ज्ञात हो कि रातामाटी के कुमरे परिवार लंबे समय से आदिबसियो की भूमि के हक के लिए लंबे समय से राधा स्वामी संस्था से लड़ता आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विगत माह कोर्ट ने भी फैसला ग्रामीणों के पक्ष में सुनाया था। जिससे आक्रोशित होकर संस्था के लोग अब जान के दुश्मन बन गए है। ओर आये दिन इन गरीब आदिवासी परिवारों पर हमले जैसी वारदात को अंजाम दे सकते है। एक ओर जहां आदर्श आचार सहिता चल रही वही यह लोग गांव में आकर खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे और पुलिस प्रशासन कार्यवाही की जगह आरोपीयो को सहयोग  कर रहा फिलहाल ग्रामीण भय और डर के साये में है।

हजारो एकड़ भूमि पर कर रखा इस संस्था ने अवैध कब्जा,

राजा बरारी स्टेट के लगभग 14 गाँवो के आदिबासी गरीब किसानों की लगभग 7988 एकड़ भूमि पर यह संस्था ने अपना कब्जा जमाए हुए है। देश के कर्णधार वीरो ने अग्रेजो से लड़ाई लड़कर भारत को आजादी दिलाई ओर देश की आजादी के बाद इस राधा स्वामी संस्था के लोगो ने भोले भाले आदिवासियों की भूमि षड्यंत्र पूर्वक अपनी संस्था के नाम करवाई कहि लोग इस संस्था की दबंगई के चलते हिम्मत हार गये ओर जमीन उनको दे दी। लेकिन एकमात्र गांव रातामाटी के लोग इनसे आज भी जंग लड़ते रहे और कोर्ट ने विगत माह इन ग्रामीणों के पक्ष में फेसला सुनाया था। जिससे आक्रोशित होकर संस्था के लोग अब दबंगई के साथ जमीन नही देने की मंशा से बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे है। पूर्व में भी कही वर इस संस्था के लोगो ने हमले किये जिनके मामले कोर्ट में आज भी चल रहे है। आज भी यह लोग अग्रेजो जैसा बर्ताव ग्रामीणों से करते है।

नाम सेवा का ओर 3 हजार की नोकरी करने वाले के घर मर्सिडीज कार खड़ी

राधा स्वामी यह संस्था आगरा दयाल बाग के नाम से रजिस्टर्ड है। आदिवासी समाज के लोगो के उत्थान और विकास के लिए इस संस्था ने जो जमीन लीज पर ली और कुछ भूमि भोले भाले अनपढ़ आदिबासी समाज से सेवा के नाम दान पत्र लिखवाकर हथिया ली गई। ओर वह भी अंग्रेजी भाषा मे लिखे दान पत्र में लिखी गई। जिन आदिवासियों को सन 1952 के लगभग बर्षो पहले हिंदी नही उनसे अंग्रेजी भाषा मे दानपत्र लिखवाकर अंगूठा लगवा कर जमीन धोखे से ट्रस्ट के नाम करवाई ओर आदिबासी समाज के उत्थान और विकास तो दूर इस संस्था के लोग उन गरीबो को मार मार के वहा से भगा रहे है। हालांकि इन लोगो ने कुछ आदिवासी लोगो को नोकरी पर भी संस्था में रखा लेकिन सेवा के नाम पर मलाई यहा के अधिकारी और संस्था खा रही यहां का आदिबासी आज भी 3 हजार रुपये में काम कर झोपड़ी में रह रहा। और इस संस्था के लोग जो उत्तर प्रदेश बिहार से आकर 3 हजार रुपये में सेवा कर रहे ल उनके घर एसी ओर आंगन में महंगी महंगी फोर व्हीलर टू व्हीलर वाहन खड़े दिखाई देते है। न जाने इनके द्वारा की जा रही सेवा में ऐसे कौन से फल हीरे मिल रहे की यह ओर इनका परिवार एसो आराम की जिंदगी जी रहे है। और आज भी इस क्षेत्र के लोग झोपड़ी में रहने को मजबूर है।

विधायक सांसद आदिबासी लेकिन इस संस्था के खिलाफ लड़ने की नही किसी मे हिम्मत

गोंडवाना क्षेत्र और इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक संजय शाह, सांसद ज्योति धुर्वे ने आज तक इस संस्था से पंगा नही लिया ऐसा भी नही की इस संस्था के द्वारा किये जा रहे आदिबासी समाज पर अत्याचार की जानकारी जिम्मेदारो को नही है। लेकिन इस संस्था की ऊंची पहुच परख ओर इस संस्था से देश के बड़े बड़े पूर्व आईपीएस अधिकारी जुड़े होने के कारण इनके खिलाफ लड़ने की कोई हिम्मत नही करता । अगर कोई शिकायत करता भी है। तो इस संस्था के लोग उन्हें जबरन झूठे केस में फंसाकर हवालात की हवा खिला देते है। आज भी वनांचल के लोग जिन्होंने अपने हक अधिकारों की लड़ाई लड़ी वह लोग तारिख पर तारीख कोर्ट के चक्कर लगा रहे है। माना कि गरीब आदिबासी इस बड़ी संस्था से पंगा नही ले सकता लेकिन इस क्षेत्र के जनप्रतिनधि विधायक संजय शाह सांसद ज्योति धुर्वे ने आज तक इस संस्था के खिलाफ आवाज क्यो नही उठाई। गरीब आदिवासियों की हजारो एकड़ भूमि आज भी इनके कब्जे से मुक्त कराकर आदिबासी समाज को क्यो नही सोपी गई।आखिर क्यों जांच नही की गई कि इस स्टेट में जो स्कुल संचालित है।उसमे पड़ाई करने वाले छात्र आज क्यो वेरोजगार है।इस स्कुल द्वारा जारी की गई मार्कसीट भी मध्यप्रदेस शासन क्यो नही मानता, यहां पर संवहालित गोशाला में प्रतिदिन हजारो लीटर दूध बाहर बिक रहा गरीब आदिवासियों को क्यो नही मिल रहा ऐसे बहुत से मुद्दे है जिसकी सही जांच हो तो इस संस्था की कारगुजारियों सामने आ सकती है।

रातामाटी में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में इस संस्था ने लड़ाया अडंगा बिकास से वंचित गांव

कागजो में चाहे पूरे जिले में शासन की योजना पहुँच गई हो लेकिन शासन की जनकल्याणकारी योजना इस गांव में नही पहुँची। ग्रामीण कहि पीढ़ियों से इस गांव में रह रहे है। इसके बाद भी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की योजनाओं को इस गांव में लागू नही किया गया। आखिर जिम्मेदार कौन अधिकारी या संस्था के लोग गॉव में बिकास के नाम पर सिर्फ शौचालय बने वह भी ग्रामीणों के संघर्ष के बाद लेकिन एक भी प्रधानमंत्री आवास, नही बना और नही सरकारी भवन झोपड़ी में लग रही बर्षो से प्राथमिक शाला भवन वारिश में जिस मकान में बनता मध्यान्ह भोजन उस महिला के घर लगता है । कहि कलेक्टर आये और चले गये। सेकड़ो शिकायते भी ग्रामीणों ने की लेकिन संस्था के सामने प्रशासन नतमस्तक हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि आखिर वह दिन कब आयेगा जब यह गांव इस संस्था के अत्याचारों से मुक्ति पायेगा ओर एक आदर्श गांव बन पायेगा।

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