आखिर क्या मजबूरी थी जिला पंचायत सीईओ की या फिर राजनीतिक दबाव, पहले किया टांसफर, 10 दिन बाद आदेश किया निरस्त

सरपंच को नही मिल रहा न्याय सीएम से लगाई गुहार

 

मोहन गुर्जर

मकड़ाई समाचार हरदा/ जिले के खिरकिया विकासखण्ड की ग्राम पंचायत लोलागरा में ग्राम पंचायत के सचिव की खुलेआम दबंगई चल रही है। यह आरोप ग्राम पंचायत के सरपंच शिवप्रसाद वघेला ने लगाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पंचायत राज्यअधिनियम में सरपंचो को अधिकार दिए है। लेकिन वह सिर्फ कागजो तक सीमित है। यहां सचिव से लेकर जिला पंचायत सीईओ तक सब सिर्फ तानाशाही ओर मनमर्जी करते है। शिकायत करो तो न्याय नही मिलता उल्टा दोषियों को ईनाम जरूर मिलता है।

मकड़ाई समाचार से चर्चा करते हुए सरपंच शिवप्रसाद वघेला ने अपना दर्द बयां किया उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिव रामनारायण राजपूत अपनी मर्जी के मालिक है। कभी आते कभी नही। ड्यूटी ग्राम पंचायत लोलागरा में है। और सो किलोमीटर दूर खंडवा से अपडाउन करते है। वह भी हप्ते में एक दो बार आते है। और शिकायत करो तो अभद्र व्यवहार गाली गलौच करते है। पंचायत के रोजगार सहायक से मोबाइल पर बात की थी। तो उसे भी गाली गलीच की। जिसकी शिकायत मेरे द्वारा जनपद सीओ जिला पंचायत सीईओ को की लेकिन कोई कार्यवाही हुई लेकिन वह भी मात्र औपचारिकता सचिव का ट्रांसफर किया और 10 दिन बाद पुनः उस आदेश को स्थगित कर दिया। जिससे निराश ओर परेशान होकर अब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।शायद अब न्याय मिल जाये।

क्या है। पूरा मामला

जिला पंचायत सीईओ को दिनांक 30 जून 2018 को ग्राम पंचायत लोलागरा के सरपंच शिवप्रसाद वघेला ने शिकायत की थी कि सचिव रामनारायण राजपूत नियुक्ति दिनांक से ही विवादों में रहे है। ग्राम पंचायत में अधीनस्थ कर्मचारियों से अभद्र भाषा का उपयोग करते है ।ग्राम पंचायत की शांति भंग करना इनकी आदत है।वर्तमान में यह खंडवा से अपडाउन करते है। जो 100 किलामीटर दूर है।जो कभी आते कभी नही। ग्राम रोजगार सहायक कमलेश सोलंकी के साथ मोबाइल पर सचिव रामनारायण ने गाली गलोच की । अगर सचिव को नही हटाया तो में अपने पद से त्यागपत्र दे दूँगा। जिसकी सम्पूर्ण जबाबदारी जनपद पंचायत खिरकिया की रहेगी। यह शिकायत सरपंच ने जिला पंचायत सीओ को भी दी। और कार्यवाही की मांग की। लेकिन शिकायत पिछले 9 महीने से टेबिल पर पड़ी हुई है। इस शिकायत पर कार्यवाही भी हुई। लेकिन मात्र औपचारिकता ।जिससे निराश होकर सरपंच को सीएम हेल्पलाइन पर गुहार लगानी पड़ी।

आखिर जिला पंचायत सीईओ ने क्यो निरस्त किया आदेश,

अब सवाल यह उठता है। कि एक जनप्रतिनिधि जिसे गांव की जनता ने गॉव के विकास कार्य के लिए चुना। उस जनप्रतिनिधि के द्वारा की गई शिकायत को जिले के जिम्मेदार अधिकारी ने किंतनी गम्भीरता से सुना। उसकी शिकायत को मजाक बनाकर रख दिया। क्या मध्यप्रदेश पंचायत राज्य में एक सरपंच सिर्फ नाम मात्र का एक कर्मचारी बनकर रह गया है। क्या उसे कोई अधिकार नही अपने अधिकारों को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए। आज अफसर शाही इतनी हावी हो गई है। कि सरपंच की शिकायत 9 महिने से टेबल पर पड़े हुए धूल खा रही। और जिम्मेदार अधिकारी दबंगो का साथ दे रहे। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी। कि जिला पंचायत सीईओ ने जिला पंचायत हरदा से दिनांक, 6 अगस्त 2018 को पत्र क्रमांक, 6403 पंचायत स्थापना /जिला पंचायत 2018,19 आदेश जारी करते हुए। कार्यालय जनपद पंचायत खिरकिया को पत्र क्रमांक, 1536/ 2018,19 दिनांक, 3/7/2018 को रामनारायण राजपूत सचिव ग्राम पंचायत लोलागरा को अपने प्रदाय दायित्वों के निर्वहन नही करने और सरपंच से अभद्र व्यवहार करने की शिकायत के चलते प्रशासकीय कार्य सुविधा के चलते रामनारायण राजपूत को ग्राम पंचायत पोखरनी ट्रांसफर किया एवं पोखरनी ग्राम पंचायत सचिव प्रभाकर को ग्राम पंचायत लोलागरा का प्रभार दिया गया था।
लेकिन इस आदेश के बाद ग्राम पंचायत पोखरनी के सचिव प्रभाकर राव ने आदेश का पालन करते हुए। 7 अगस्त को ग्राम पंचायत लोलागरा में जवाईनिग देकर अपनी उपस्थिति दे दी। लेकिन लोलागरा के रामनारायण राजपूत सचिव ने उक्त आदेश का पालन नही किया। और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों से साठगाँठ कर आज भी ग्राम पंचायत लोलागरा में डटे हुए है। उक्त आदेश दिनांक के 10 दिन बाद दिनांक 16 अगस्त 2018 को जिला पंचायत सीईओ ने सरपंच की शिकायत को दरकिनार रखते हुए। पुनः आदेश क्रमांक,6512 2018,19 जारी किया। उक्त आदेश में आदेश क्रमांक,6403 को निरस्त करते हुए। ग्राम पंचायत सचिव को पुनः अपने अपने ग्राम पंचायतों में प्रभार सोपने के आदेश दे दिए।

15 अगस्त को सचिव ने फहराया उल्टा झंडा 16 अगस्त को सीईओ ने दिया ईनाम

उल्लेखनीय है। कि जिस ग्राम पंचायत सचिव रामनारायण राजपूत की सरपंच ने शिकायत की। उनके द्वारा 15 अगस्त के दिन राष्ट्रीय पर्व पर ग्राम पंचायत में उल्टा तिरंगा फहराया गया। था। जिसका वीडियो फोटोग्राफ भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थे। जिसकी अखबारों में खबरे भी प्रमुखता से लगी। एसडीएम खिरकिया ने तहसीलदार सिराली को कार्यवाही के लिए पत्र भी लिखा था। लेकिन कार्यवाही नही हुई। उल्टे 16 अगस्त को सरपंच की शिकायत को नजरअंदाज करते हुए जिला पंचायत सीईओ हरिसिह मीणा ने सचिव को पुनः उसी ग्राम पंचायत का प्रभार दे दिया।

सरपंच के सील ओर हस्ताक्षर नही हजारो के बिलो का कर दिया भुगतान

निर्माण और कार्यालय में व्यय राशि के बहुत से ऐसे बिलो का भुगतान भी हो गया। जिसमें सरपंच शिवप्रसाद वघेला के न तो हस्ताक्षर है। और न ही सील फिर भी हजारो का भुगतान सचिव के सील ओर हस्ताक्षर से हो रहे है। इस विषय पर जब सरपंच से पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि सचिव की तानाशाही चल रही। इस संदर्भ में ग्राम पंचायत सचिव रामनारायण राजपूत को कॉल किया लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसिब नही किया।

इनका कहना है।

पहले कहा मुझे कोई जानकारी नही। फिर कहा में दिखवाता हु।
हरिसिह मीणा
सीईओ जिला पंचायत हरदा

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